नैनीताल। कुत्ते और बंदरों के काटने से पीडित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अगर अब आपको कुत्ते या बंदर ने काटा तो आप दो लाख मुआवजा पाने के हकदार होंगे। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने यह अद्भुत फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कुत्ते या बंदर के काटने पर पीडित शख्स को 2 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाए। इतना ही नहीं, स्थानीय निकाय और राज्य सरकार को मिलकर एक हफ्ते के अंदर मुआवजे का भुगतान करना होगा।
जस्टिस आलोक सिंह और सर्वेश कुमार गुप्ता की बेंच ने गुरूवार को फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि कुत्ता, बंदर और लंगूरों के काटने पर दो लाख का मुआवजा दिया जाएगा। आवारा पशुओं के हमले से जख्मी शख्स को साधारण चोट लगने पर 1 लाख रूपये और गंभीर रूप से जख्मी होने पर 2 लाख रूपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले 3 साल में अकेले नैनीताल में ही कुत्तों के काटने के 4 हजार मामले सामने आए थे। इसका संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर पालिका से कहा था कि कुत्तों के लिए स्पेशल शेल्टर बनाए जाएं, जहां पर उन्हें रखा जा सके। बंदरों और लंगूरों पर लगाम कसने के लिए भी कोई प्लान लेकर आएं। वहीं, गुरूवार को भी ऎसे मामले सामने आए।
सूत्रों के मुताबिक फैसला सुनाए जाने के दिन वरिष्ठ न्यायिक सदस्य की पत्नी समेत 5 लोग आवारा कुत्तों के शिकार बने।
जस्टिस आलोक सिंह और सर्वेश कुमार गुप्ता की बेंच ने गुरूवार को फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि कुत्ता, बंदर और लंगूरों के काटने पर दो लाख का मुआवजा दिया जाएगा। आवारा पशुओं के हमले से जख्मी शख्स को साधारण चोट लगने पर 1 लाख रूपये और गंभीर रूप से जख्मी होने पर 2 लाख रूपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले 3 साल में अकेले नैनीताल में ही कुत्तों के काटने के 4 हजार मामले सामने आए थे। इसका संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर पालिका से कहा था कि कुत्तों के लिए स्पेशल शेल्टर बनाए जाएं, जहां पर उन्हें रखा जा सके। बंदरों और लंगूरों पर लगाम कसने के लिए भी कोई प्लान लेकर आएं। वहीं, गुरूवार को भी ऎसे मामले सामने आए।
सूत्रों के मुताबिक फैसला सुनाए जाने के दिन वरिष्ठ न्यायिक सदस्य की पत्नी समेत 5 लोग आवारा कुत्तों के शिकार बने।

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