चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने हैलीकॉप्टर की सर्विसेज शुरू करने की औपचारिकताएं नागरिक उड्डयन विभाग ने पूरी कर ली है। धामों के कपाट खुलने के साथ निजी कंपनियों के हैलीकॉप्टर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने के लिए सरपट उड़ाने भरेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए चार्टर सेवा से लेकर हैली टैक्सी सुविधा का विकल्प भी रहेगा। यात्री चाहे तो ढ़ाई लाख रुपए में चारों धाम घूम सकते हैं नहीं तो बेस कैंप तक गाड़ी से पहुंच रियायती हेली टैक्सी से जल्द दर्शन कर लौट सकते हैं। हैली सर्विस को बेहतर बनाने के लिए चारों धाम के लिए नए हैलीपेड और हैलीड्रम बनाए हैं।
केदारनाथ से गुप्तकाशी के बीच ही तीन जगह पर लैडिंग के लिए हैलीपेड हैं। मौसम खराब होने पर वैकल्पिक हैलीपेड की सुविधा बढ़ाई गई है। बद्रीनाथ में पहले ही हैलीपैड निर्मित है जबकि गंगोत्री और यमनोत्री के लिए हेलीपेड विस्तारित किये जा चुके हैं।
केदारधाम में सर्वाधिक सर्विस
केदारनाथ के लिए सर्वाधिक हैलीसर्विसेज का प्रावधान रखा गया है। यहां लगभग 21 किलोमीटर का नया बना पैदल ट्रैक है, जिसके चलते तीन जगह से हैलीकाप्टर उड़ान भरने के स्थान चिन्हीत हैं। बद्रीनाथ धाम के लिए भी हैलीसर्विसेज यहां से ली जा सकती है।
श्रद्धालुओं के लिए चार्टर सेवा से लेकर हैली टैक्सी सुविधा का विकल्प भी रहेगा। यात्री चाहे तो ढ़ाई लाख रुपए में चारों धाम घूम सकते हैं नहीं तो बेस कैंप तक गाड़ी से पहुंच रियायती हेली टैक्सी से जल्द दर्शन कर लौट सकते हैं। हैली सर्विस को बेहतर बनाने के लिए चारों धाम के लिए नए हैलीपेड और हैलीड्रम बनाए हैं।
केदारनाथ से गुप्तकाशी के बीच ही तीन जगह पर लैडिंग के लिए हैलीपेड हैं। मौसम खराब होने पर वैकल्पिक हैलीपेड की सुविधा बढ़ाई गई है। बद्रीनाथ में पहले ही हैलीपैड निर्मित है जबकि गंगोत्री और यमनोत्री के लिए हेलीपेड विस्तारित किये जा चुके हैं।
केदारधाम में सर्वाधिक सर्विस
केदारनाथ के लिए सर्वाधिक हैलीसर्विसेज का प्रावधान रखा गया है। यहां लगभग 21 किलोमीटर का नया बना पैदल ट्रैक है, जिसके चलते तीन जगह से हैलीकाप्टर उड़ान भरने के स्थान चिन्हीत हैं। बद्रीनाथ धाम के लिए भी हैलीसर्विसेज यहां से ली जा सकती है।

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