वन्यजीवों के हमले में मरने वालों के परिजनों और घायलों को अब ज्यादा मुआवजा मिलेगा।
मृत्यु की स्थिति में मुआवजा राशि जहां तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने की तैयारी है वहीं घायलों का मुआवजा दोगुना किया जाएगा। घायलों को अभी 15 हजार से 50 हजार रुपये तक मुआवजा मिलता है। उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में यह फैसला हुआ।
बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वन व वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
जंगल और जंगलों के आसपास रह रहे लोगों तक जन सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। बाढ़ से बचने के लिए हिमाचल और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर नदियों को वन क्षेत्र से बाहर रखा जाए। जिससे नदियों को अपने प्राकृतिक प्रवाह में रखकर किनारों की सुरक्षा व प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
बैठक में हुआ फैसला
- स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में करें प्रशिक्षित
- स्नो लैपर्ड, कस्तूरी मृग व मोनाल के संरक्षण की कार्ययोजना
- वनों में स्थित गांवों के पुनर्वास के लिए भूमि की तलाश के संबंध में एक माह अध्ययन हो
- सहमति दे चुके तैड़िया, चुकम और सुंदरखाल गांव का पुनर्वास प्राथमिकता से हो
- कीड़ा जड़ी निकालने में बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप को रोका जाए
- बृजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन
- चमोली के हापला-गुडम-नौली मोटर मार्ग का विस्तार साथ कुछ स्थानों पर उप खनिज चुगान की अनुमति
कार्बेट पार्क
- टाइगर रिजर्व में एसटीएफ का गठन शीघ्र हो, कोटद्वार की ओर से शुरू हो रहे मार्ग पर पर्यटन सुविधाएं बढ़े,
- सिंचाई विभाग कालोनी, कालागढ़ के विस्थापन के लिए धनराशि देने को केंद्र सरकार से होगा अनुरोध
- कार्बेट पार्क की दक्षिणी सीमा में टाइगर सफारी की स्थापना हो,
- सातताल, नैनीताल में बटर फ्लाई गार्डन को भी मंजूरी
राजाजी पार्क
- राजाजी पार्क में गौहरी रेंज का चौरासी कुटिया क्षेत्र ईको टूरिज्म के रूप में विकसित हो
- राजाजी पार्क में विद्युत लाइन के टावर की ऊंचाई बढ़ाई जाए और चीला रेंज में हाथी सफारी पार्क बने
- चीला-मोतीचूर कॉरिडोर में आने वाले खांड गांव का पुनर्वास जल्द, लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को वन विभाग बनाए
विद्युत परियोजनाएं
फांटा ब्यूंग 76 मेगावाट जलविद्युत परियोजना, लाता तपोवन जल विद्युत परियोजना, तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना, भ्यूंडार जल विद्युत परियोजना, खीरो गंगा लघु जल विद्युत परियोजना, सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई।
इनको भी मिली मंजूरी
संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी परिधि में आने वाले वन भूमि हस्तांतरण के अनेक प्रकरणों को मंजूरी दी गई। इनमें राजाजी नेशनल पार्क से होकर हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन का विद्युतीकरण, रोशनाबाद में इंद्रलोक आवासीय योजना भाग-2 को अनापत्ति, मसूरी वन्य जीव विहार में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति, विनोग वन्यजीव विहार में केमल बैंक जोन व कंपनी गार्डन जोन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।
गंगोत्री में हेलीपैड
बोर्ड ने गंगोत्री में हेलीपैड बनाने सहित अनेक सामरिक महत्व के कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति दी है। उल्लेखनीय है कि चारधाम में सिर्फ गंगोत्री में ही हेलीपैड नहीं था।
प्रतिपालक बने
कार्बेट रिजर्व पार्क के लिए बृजेंद्र सिंह को 3 वर्षों के लिए और राजीव मेहता को राजाजी पार्क के लिए एक वर्ष के लिए अवैतनिक वन्यजीव प्रतिपालक बनाया गया।
बैठक में ये मौजूद थे
बैठक में वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक ललित फर्स्वाण, मालचंद, मुख्य सचिव एनरविशंकर, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, एस राजू, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डीवीएस खाती, प्रमुख सचिव वन डा. रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव ओमप्रकाश, बोर्ड के सदस्य बृजेंद्र सिंह, पीटर स्मेटाचेक, अनूप शाह, राजीव मेहता आदि।
मृत्यु की स्थिति में मुआवजा राशि जहां तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने की तैयारी है वहीं घायलों का मुआवजा दोगुना किया जाएगा। घायलों को अभी 15 हजार से 50 हजार रुपये तक मुआवजा मिलता है। उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में यह फैसला हुआ।
बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वन व वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
जंगल और जंगलों के आसपास रह रहे लोगों तक जन सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। बाढ़ से बचने के लिए हिमाचल और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर नदियों को वन क्षेत्र से बाहर रखा जाए। जिससे नदियों को अपने प्राकृतिक प्रवाह में रखकर किनारों की सुरक्षा व प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
बैठक में हुआ फैसला
- स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में करें प्रशिक्षित
- स्नो लैपर्ड, कस्तूरी मृग व मोनाल के संरक्षण की कार्ययोजना
- वनों में स्थित गांवों के पुनर्वास के लिए भूमि की तलाश के संबंध में एक माह अध्ययन हो
- सहमति दे चुके तैड़िया, चुकम और सुंदरखाल गांव का पुनर्वास प्राथमिकता से हो
- कीड़ा जड़ी निकालने में बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप को रोका जाए
- बृजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन
- चमोली के हापला-गुडम-नौली मोटर मार्ग का विस्तार साथ कुछ स्थानों पर उप खनिज चुगान की अनुमति
कार्बेट पार्क
- टाइगर रिजर्व में एसटीएफ का गठन शीघ्र हो, कोटद्वार की ओर से शुरू हो रहे मार्ग पर पर्यटन सुविधाएं बढ़े,
- सिंचाई विभाग कालोनी, कालागढ़ के विस्थापन के लिए धनराशि देने को केंद्र सरकार से होगा अनुरोध
- कार्बेट पार्क की दक्षिणी सीमा में टाइगर सफारी की स्थापना हो,
- सातताल, नैनीताल में बटर फ्लाई गार्डन को भी मंजूरी
राजाजी पार्क
- राजाजी पार्क में गौहरी रेंज का चौरासी कुटिया क्षेत्र ईको टूरिज्म के रूप में विकसित हो
- राजाजी पार्क में विद्युत लाइन के टावर की ऊंचाई बढ़ाई जाए और चीला रेंज में हाथी सफारी पार्क बने
- चीला-मोतीचूर कॉरिडोर में आने वाले खांड गांव का पुनर्वास जल्द, लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को वन विभाग बनाए
विद्युत परियोजनाएं
फांटा ब्यूंग 76 मेगावाट जलविद्युत परियोजना, लाता तपोवन जल विद्युत परियोजना, तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना, भ्यूंडार जल विद्युत परियोजना, खीरो गंगा लघु जल विद्युत परियोजना, सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई।
इनको भी मिली मंजूरी
संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी परिधि में आने वाले वन भूमि हस्तांतरण के अनेक प्रकरणों को मंजूरी दी गई। इनमें राजाजी नेशनल पार्क से होकर हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन का विद्युतीकरण, रोशनाबाद में इंद्रलोक आवासीय योजना भाग-2 को अनापत्ति, मसूरी वन्य जीव विहार में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति, विनोग वन्यजीव विहार में केमल बैंक जोन व कंपनी गार्डन जोन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।
गंगोत्री में हेलीपैड
बोर्ड ने गंगोत्री में हेलीपैड बनाने सहित अनेक सामरिक महत्व के कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति दी है। उल्लेखनीय है कि चारधाम में सिर्फ गंगोत्री में ही हेलीपैड नहीं था।
प्रतिपालक बने
कार्बेट रिजर्व पार्क के लिए बृजेंद्र सिंह को 3 वर्षों के लिए और राजीव मेहता को राजाजी पार्क के लिए एक वर्ष के लिए अवैतनिक वन्यजीव प्रतिपालक बनाया गया।
बैठक में ये मौजूद थे
बैठक में वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक ललित फर्स्वाण, मालचंद, मुख्य सचिव एनरविशंकर, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, एस राजू, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डीवीएस खाती, प्रमुख सचिव वन डा. रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव ओमप्रकाश, बोर्ड के सदस्य बृजेंद्र सिंह, पीटर स्मेटाचेक, अनूप शाह, राजीव मेहता आदि।
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