
मंगलवार की शाम उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली। देहरादून में शाम 5 बजे आसमान में घने बादल छाने से साथ ही तेज आंधी भी चली। जिसके बाद तेज बारिश्ा हुई। उधर, केदारनाथ धाम में लगातार दो घंटे तक बर्फबारी होती है। इसके साथ की गढ़वाल के अधिकतर क्षेत्रों को बारिश ने भिगो दिया।
मौसम विभाग ने बादलों के बीच कहीं-कहीं बेहद हल्की बारिश की भी संभावना जताई है। सोमवार को हल्के बादलों और शाम को हुई बारिश की वजह से पारे में कमी रही।
अधिकतम पारा 31 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा के मुताबिक, मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फ पड़ सकती है। कहीं-कहीं विशेषकर मैदानी इलाकों में झक्कड़ आने की भी संभावना है।
चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पांच से 15 सेंटीमीटर तक बर्फ पड़ सकती है। जबकि राजधानी दून में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने बादलों के बीच कहीं-कहीं बेहद हल्की बारिश की भी संभावना जताई है। सोमवार को हल्के बादलों और शाम को हुई बारिश की वजह से पारे में कमी रही।
अधिकतम पारा 31 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा के मुताबिक, मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फ पड़ सकती है। कहीं-कहीं विशेषकर मैदानी इलाकों में झक्कड़ आने की भी संभावना है।
चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पांच से 15 सेंटीमीटर तक बर्फ पड़ सकती है। जबकि राजधानी दून में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हो सकती है।
गढ़वाल के पीपलकोटी/पोखरी में सोमवार रात जोरदार बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि हुई। बीस मिनट हुई ओलावृष्टि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं, सरसों और सब्जी की फसलें तहस-नहस हो गई हैं। इस बदलते मौसम के कारण किसान परेशान हैं।
सोमवार रात को जब बारिश हुई तो रात को ही लोग घरों से बाहर आ गए। निजमुला घाटी के गाड़ी गांव की प्रधान कुसुम देवी, रघुवीर सिंह गड़िया और तारेंद्र सिंह ने एसडीएम चमोली को बताया कि गेहूं की फसल पककर तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गई है।
उन्होंने फसल की क्षति का आंकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की। वहीं, पोखरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत थाला बैड़, ब्राह्मण थाला, सटियाना, ताली और कंसारी गांवों में भी ओलावृष्टि से ग्रामीणों की मेहनत बर्बाद हो गई है। गेहूं, जौ, आलू, प्याज और धनिया की फसल नष्ट हो गई है।
ग्राम प्रधान थाला बैड़ किशोर सिंह नेगी ने भी एसडीएम को इस संबंध में जानकारी दी है। घाट और जोशीमठ क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से ग्रामीणों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
वहीं डीएम अशोक कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण करवाया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों की टीम भी गठित कर दी गई है। प्रभावित काश्तकारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
सोमवार रात को जब बारिश हुई तो रात को ही लोग घरों से बाहर आ गए। निजमुला घाटी के गाड़ी गांव की प्रधान कुसुम देवी, रघुवीर सिंह गड़िया और तारेंद्र सिंह ने एसडीएम चमोली को बताया कि गेहूं की फसल पककर तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गई है।
उन्होंने फसल की क्षति का आंकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की। वहीं, पोखरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत थाला बैड़, ब्राह्मण थाला, सटियाना, ताली और कंसारी गांवों में भी ओलावृष्टि से ग्रामीणों की मेहनत बर्बाद हो गई है। गेहूं, जौ, आलू, प्याज और धनिया की फसल नष्ट हो गई है।
ग्राम प्रधान थाला बैड़ किशोर सिंह नेगी ने भी एसडीएम को इस संबंध में जानकारी दी है। घाट और जोशीमठ क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से ग्रामीणों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
वहीं डीएम अशोक कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण करवाया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों की टीम भी गठित कर दी गई है। प्रभावित काश्तकारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
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