शहर के तमाम इलाकों में लोगों को पेयजल की खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के पांच ट्यूबवेलों की मोटरें फुंकी हैं। पूरे इलाके में पेयजल संकट गहरा गया है। टैंकरों से भी लोगों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। भीमताल से ब्रिटिश कालीन व्यवस्था के तहत गौला में छोड़े जाने वाली पानी को रोकने से जल स्तर में आई कमी के चलते शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट से भी सप्लाई प्रभावित है। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करा पाने में पूरा सरकारी तंत्र विफल हो गया है।
क्षेत्र के फतेहपुर, ऊंचापुल, डहरिया, जल संस्थान दफ्तर और तल्ली हल्द्वानी के ट्यूबवेलों की मोटरें फुंकी हैं। शहर में 16 और ग्रामीण इलाकों में 33 नलकूप हैं, लेकिन लो-वोल्टेज के चलते अधिकांश ट्यूबवेलों के नहीं चल पाने से अन्य इलाकों में भी संकट गहराया है। इंदिरानगर, दमुवाढूंगा, ऊंचापुल, पीलीकोठी, सीएमटी कालोनी, नीलियम कालोनी, जज फार्म, हिम्मतपुर तत्ला, कमलुवागांजा आदि इलाकों में भी पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची है।
क्षेत्र के फतेहपुर, ऊंचापुल, डहरिया, जल संस्थान दफ्तर और तल्ली हल्द्वानी के ट्यूबवेलों की मोटरें फुंकी हैं। शहर में 16 और ग्रामीण इलाकों में 33 नलकूप हैं, लेकिन लो-वोल्टेज के चलते अधिकांश ट्यूबवेलों के नहीं चल पाने से अन्य इलाकों में भी संकट गहराया है। इंदिरानगर, दमुवाढूंगा, ऊंचापुल, पीलीकोठी, सीएमटी कालोनी, नीलियम कालोनी, जज फार्म, हिम्मतपुर तत्ला, कमलुवागांजा आदि इलाकों में भी पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची है।

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