भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने स्थापना के तीन साल के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धमक मचा दी है।
देशभर के आईआईएम के बीच काशीपुर के छात्रों ने इस साल अब तक धमाकेदार प्लेसमेंट हासिल की है। इसमें प्रमुख तौर पर मोना भंडेरिया का सर्वाधिक 43 लाख रुपए सालाना का पैकेज शामिल है। संस्थान के छात्र को स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बड़ा पैकेज मिला है।
आईआईएम काशीपुर में सत्र की शुरुआत जुलाई 2011 से हुई थी। देश की सर्वश्रेष्ठ और मुश्किल प्रबंधन प्रवेश परीक्षा कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) से दाखिल छात्रों के पहले बैच ने ही प्लेसमेंट का श्रीगणेश कर दिया था। वर्ष 2011-12 में संस्थान के 37 छात्रों को 28 कंपनियों से 43 ऑफर मिले।
वर्ष 2012-13 में 37 में से 33 छात्रों को 36 ऑफर मिले। वर्ष 2013-14 में संस्थान के सभी 38 छात्रों को नौकरी मिली। इस साल नौ अप्रैल तक की रिपोर्ट आईआईएम काशीपुर ने जारी की है। अब तक 126 में से 109 छात्रों को नौकरियां मिल चुकी हैं।
सर्वाधिक पैकेज मोना भंडेरिया को 43 लाख रुपए मिला है, जबकि सबसे कम 22.23 लाख रुपए मिला है। छात्रों को न केवल देशी बल्कि कई विदेशी कंपनियों में कई देशों में नौकरी का मौका मिला है।
वर्ष - अधिकतम पैकेज (रु. में)
2011-12 - 12 लाख
2012-13 - 16.25 लाख
2013-14 - 27.63 लाख
2014-15 - 43 लाख
यह है आईआईएम
प्रबंधन के क्षेत्र में आईआईटी की तरह आईआईएम सर्वश्रेष्ठ संस्थान माने जाते हैं। इस वक्त देश में 13 आईआईएम हैं। इनमें से आईआईएम त्रिचुरापल्ली, उदयपुर और काशीपुर की स्थापना वर्ष 2011 में की गई थी। आईआईएम काशीपुर में आईआईएम लखनऊ के दिशा निर्देशन में पढ़ाई हो रही है।
अब प्रबंधन में फेलोशिप प्रोग्राम
आईआईएम काशीपुर में अभी तक तीन कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। नए सत्र से नया फेलोशिप कोर्स शुरू होने जा रहा है, जिसे पीएचडी के बराबर मान्यता हासिल है। इस कोर्स में दाखिले के लिए कैट परीक्षा से गुजरना होगा।
नए सत्र से संस्थान में ‘फैलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट’ शुरू होने जा रहा है। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन की ओर से इस कोर्स को पीएचडी के बराबर मान्यता प्राप्त है। इस कोर्स में दाखिले के लिए आईआईएम के छात्रों को कोई प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी, जबकि बाहरी छात्रों को कैट परीक्षा देनी होगी।
संस्थान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के आने का सिलसिला जारी है। अभी प्लेसमेंट की अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है।

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